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शायरी-तन्हाई में मेरा दम घुट रहा है

तन्हाई में मेरा दम घुट रहा है कोई वफा का दरिया मिले जिसमें डूब जाए जो ऐसे हालात बने रहे गम इतना है जनाजा निकलने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा 



मैं एक-एक पैसा जुटाता रहा घर परिवार बनाता रहा खुशियों में गुजरी जिंदगी भाग्यवान हूं जो खुदा ने इतना दिया है


मोहब्बत के नाम पर धोखा मिला है कांटो का चुभन दर्द मिला है काश वक्त रहते उनके इरादों को समझ सका होता जिंदगी में इतनी ज्यादा तकलीफ नहीं होती


पैसो के पीछे भागते हुए थक जाओगे थोड़ा ठहर कर देखो जिंदगी को थोड़ा आराम चाहिए